कामचातका का चांदी युक्त प्राकृतिक पेयजल

एलएलसी "रुस्काया वोदा" "रुस्काया खाड़ी में कमचात्का के चांदी युक्त प्राकृतिक पेयजल का उत्पादन" नाम की निवेश परियोजना लागू कर रही है जिस के अंतर्गत पेयजल का निर्यात बड़ी क्षमता वाले समुद्री जहाज़ों के माध्यम से किया जा सके। इस परियोजना का उक्त क्षेत्र के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि यह एक ऐसे प्राकृतिक संसाधन - स्वच्छ पेयजल - के निष्कर्षण और विक्रय से जुडी है, जिसकी एशियाई-महासागरीय देशों के साथ-साथ भारत में भी मांग है।

विस्तृत जानकारी
अनुमानित भंडार 1 लाख क्यूबिक मीटर प्रतिदिन
3 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रतिवर्ष
100 हजार टन तक की क्षमता वाले जहाजों पर लोडिंग
पेट्रोपावलोव्स्क- बंदरगाह से 90 किमी दूर स्थित
कमचात्का के जल भंडार

कमचात्का अद्वितीय जलसंसाधनों से संपन्न क्षेत्र है। पानी इस प्रायद्वीप के मुख्य प्राकृतिक खनिज संसाधनों में से एक है। उल्लेखनीय है कि इस पर्यावरणनुकूल क्षेत्र में असीमित मात्रा में पाए जाने वाला पेयजल प्रायः बिना साफ किए ही प्रयुक्त किया जा सकता है।

कमचात्का में मीठे पानी के 42 भंडारों का पता लगाया जा चुका है जिनकी उत्पादन क्षमता 438 हज़ार क्यूबिक मीटर प्रतिदिन है। कमचात्का के मीठे पानी के भूमिगत भंडार की निर्यात क्षमता लगभग असीमित है।

“कमचात्का में नदियों और स्रोतों का पानी इतना बढ़िया है कि शब्दों में इसका वर्णन करना मुश्किल है। इस पानी की उच्च गुणवत्ता इसे लगातार इस्तेमाल करने पर पता चलती है ... "

जॉर्ज विल्हेम स्टेलर, शोधकर्ता, डॉक्टर, वैज्ञानिक, लेखक

XX सदी में पानी की खपत दोगुनी से अधिक हो गयी है

दुनिया की आबादी के लगभग 20% उन क्षेत्रों में रहती है जहाँ पानी की कमी है

अनुमान है कि सन 2025-2030 तक दुनिया की

75%

आबादी पानी की कमी का सामना करेगी

रुस्काया खाड़ी के भंडार से सुविधाजनक आपूर्ति